Published On: Thu, Oct 31st, 2013

मुजफ्फरनगर में फिर सुलगी सांप्रदायिक हिंसा की चिंगारी, तीन लोगों की मौत

Share This
Tags
पिछली बार हुए दंगों के बाद हालात को सेना ने संभाला था
पिछली बार हुए दंगों के बाद हालात को सेना ने संभाला था

मुजफ्फरनगर जिले के बुढ़ाना इलाके में सांप्रदायिक हिंसा की चिंगारी फिर सुलग उठी है. बुधवार को फिर से हुई हिंसा में तीन और लोगों की मौत हो गई है. एक महीने पहले ही इसी जिले में सांप्रदायिक हिंसा हुई थी, जिसमें करीब 60 लोग मारे गए थे.

जिला मजिस्ट्रेट कौशल राज ने बताया कि मोहम्मदपुरसिंह गांव में दो समुदाय के सदस्यों के बीच संघर्ष में तीन लोगों को कथित तौर पर पीट-पीट कर मार डाला गया. हिंसा में एक व्यक्ति घायल भी हुआ है.

मुजफ्फरनगर जिले के जिन भागों में बीते माह सांप्रदायिक हिंसा हुई थी, उनमें मोहम्मदपुरसिंह गांव भी था. डीएम ने बताया कि आरोपियों को पकड़ने के प्रयास जारी हैं. सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं.

सूत्रों ने दावा किया कि मारे गए लोग वह हैं जो हिंसा के बाद से राहत शिविरों में रह रहे थे.

पहले ही जा चुकी है 60 लोगों की जान
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में दंगों में करीब 60 लोगों की मौत पहले ही हो चुकी है. मुजफ्फरनगर के कवाल गांव में 27 अगस्त को छेड़खानी की घटना के बाद कवाल की जुमा मस्जिद के आगे चौराहे पर दो युवकों ने एक युवक शाहनवाज उर्फ कल्लू पर धारदार हथियार से हमला कर उसे मार दिया. उन दो युवकों- गौरव और सचिन को वहां भीड़ ने ईंट-पत्थरों और हथियारों से मार दिया. इस ट्रिपल मर्डर पर पुलिस ने फौरी कर्रवाई की, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सचिन और गौरव के साथ हुई बर्बरता का पता चलने पर लोग भड़क उठे.

बाद में इस मामले ने सांप्रदायिक दंगे का रूप ले लिया. इस घटना के बाद से कवाल और मलिकपुरा गांव में अब तक मातम पसरा है. कवाल से मुस्लिम समुदाय के कई लोग अभी भी सुरक्षित ठिकानों पर टिके हैं और अपने घर लौटने को तैयार नहीं हैं. दंगे की यह आग ठंडी भी नहीं पड़ी थी कि एक बार फिर नफरती की चिंगारी सुलगती नजर आ रही है.

About the Author

- I am an internet marketing expert with an experience of 8 years.My hobbies are SEO,Content services and reading ebooks.I am founder of SRJ News,Tech Preview and Daily Posts.

Composite Start -->
Loading...